| स्वास्थ्य | ||||
| सबसे खतरनाक है मोबाइल एडिक्शन | ||||
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युद्ध और मोहब्बत के दौरान सनक ही सब कुछ कराती है। प्रेम करना गुनाह नहीं। गुनाह है प्यार में अंधा हो कर सब कुछ भूल जाना। भक्ति में शक्ति होती है। प्रेम करना ही है तो वतन से करो, प्रकृति से करो। ईश्वर से करो। प्रेम रोगी बन कर हिंसक बन जाना प्रेम का अपमान करना ही है। एडिक्ट होना द्घातक हो जाता है फिर चाहें आप किसी भी चीज के एडिक्ट क्यों न बनें। चर्चा में ड्रग एडिक्ट ही आते हैं। लव एडिक्शन के कारनामे भी रोंगटे खड़े कर देते हैं। प्रेम रोगियों की केमिस्ट्री कम खतरनाक नहीं होती। |
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| आधुनिक युग में कुछ टीवी एडिक्शन के शिकार हैं तो कुछ मोबाइल एडिक्शन के। दुष्परिणाम पड़ रहा है द्घरेलू औरतों और विद्यार्थियों पर। औरतें आक्रामक हो रही हैं तो विद्यार्थियों का रूझान पढ़ाई से हटता जा रहा है। किताबों के पन्नों में प्रेमी प्रेमिका की तस्वीरें और खत रहेंगे तो कहां से पढ़ाई में मन लगेगा। |
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करोड़ों हाथों में मोबाइल पकड़ा कर कई कंपनियों ने
अरबों का कारोबार कर लिया किन्तु उपयोगिता के दृष्टिकोण से यदि हम मोबाइल फोन
की समीक्षा करें तो लाभ कम, हानि ज्यादा नजर आयेगी। मोबाइल फोन ब्लैकमेलिंग
का सुलभ साधन जो बन गया है।द्घंटों मोबाइल फोन पर अपनी उंगलियां चलाने वालों
की निराली दुनिया यही बता रही है कि मोबाइल स्टेटस सिम्बल बन गया है। लोग इसका
सदुपयोग कम और दुरूपयोग ज्यादा कर रहे हैं। अश्लील तस्वीरें और संदेश के
प्रसारण में मोबाइल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। गप्प मारने में महारथियों
के लिए तो मोबाइल फोन वरदान साबित हो रहा है। |
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