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दांतों के रोगों से न केवल दांत
और मसूड़ों में ही पीड़ा होती है बल्कि अनेक शारीरिक और मानसिक रोग भी उत्पन्न
हो जाते हैं। दांतों की बीमारियों में 'पायरिया' रोग कष्टकारी और असाध्य माना
जाता है। विशेष रूप से यह रोग कब्ज और उजीर्ण से होता है। मसूड़ों से दुर्गन्ध
आना, दांतों का हिलना, मंजन करने पर खून आना प्रायः इस रोग के लक्षण होते
हैं।
पायरिया से बचाव के लिए कुछ द्घरेलु टिप्स यहां दिए जा रहे हैं-
करने से पायरिया रोग मिटता है।
आंवला जलाकर सरसों के तेल में मिला लें। धीरे-धीरे मसूड़ों में मलने से पायरिया
ठीक होता है।
कोमल नीम की पत्तियां ताजी पत्तियां काली मिर्च और काला नमक मिलाकर पीस लें
और प्रतिदिन सेवन करने से रक्त शु( होकर पायरिया तथा मुंह की दुर्गंध मिटती
है।
खस, इलायची और लौंग का तेल मिलाकर मसूड़ों में लगायें।
जीरा, सेंधा नमक, हरड़, दालचीनी, दक्षिणी सुपारी को समभाग में लेकर बंद बर्तन
में जलाकर पीस लें नियमित मंजन करने से पायरिया के कीटाणु नष्ट हो जाते हैं।
पायरिया के रोगी को हमेशा पेट साफ रखना चाहिए और अधिक से अधिक मात्रा में हरी
सब्जियों तथा फलों का सेवन करना चाहिए।
फिटकरी और काला नमक बारीक पीसकर दांतों पर मलने से दांत मजबूत होते हैं और
पायरिया भी ठीक हो जाता है।
सफेद कत्था, फिटकरी को पीसकर हल्के गरम पानी में औटायें और कुल्ला करें।
नियमित प्रयोग करने से दांत मजबूत होते हैं और पीलापन दूर हो जाता है।
मेहंदी के पत्तों के क्वाथ से कुल्ला करने से मसूड़ों के असाध्य रोग मिटते
हैं।
अजवाइन को तवे पर जलाकर उसका पाउडर बना लें और नियमित दांतों पर मंजन करने से
मसूड़ों के रोग मिटते हैं और दांत साफ होते हैं।
बबूल की छाल और बहेड़ा की छाल को पीसकर गरम पानी में मिलाकर कुल्ला करने से
मसूड़ों से रक्त प्रवाह बंद होता है और गले की पीड़ा मिटती है।
शक्कर के बूरे को बारीक करके मंजन करने से दांतों का दर्द मिटता है।
कपूर और अरंडी का तेल मिलाकर मसूड़ों पर मलने से पायरिया रोग मिट जाता है।
कनेर की जड़ की छाल, नागर मोचा, फिटकरी, गुलाब के फूल समभाग में लेकर मंजन
बनाकर सुबह और शाम मंजन करने से हिलते दांत और पायरिया की बीमारी दूर हो जाती
है। |