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   स्वास्थ्य
   क्या आप भोजन में सभी पौष्टिक तत्व ले रहें हैं
  आज की तेज रफ्तार जिदंगी में हम अपने आहार की ओर ध्यान नहीं दे पाते। हमारे पास यह सोचने का समय ही नहीं होता कि क्या खाना है, कैसे खाना है। हरी सब्जियों व फलों की जगह हम फास्ट फूड की ओर बढ़ रहे हैं। इस कारण हमारे शरीर में नुकसानदेह वसा उस सीमा तक पहुंच जाती है जिसे खतरनाक कहा जा सकता है।    
  इस स्थिति में अपने आहार के प्रति हमें अपना दृष्टिकोण पूरी तरह से बदलने की आवश्यकता है अन्यथा हमें अनेक गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। आइए देखें कि हमें अपने भोजन में किस पौष्टिक तत्व की आवश्यकता होती है और वह किस भोजन में मिलता है-

विटामिन - विटामिन कार्बनिक पदार्थ हैं जो बहुत से भोज्य पदार्थों में मिलते हैं और शरीर को सामान्य रूप से चलाने के लिए अत्यन्त आवश्यक हैं। विटामिन कई प्रकार के होते हैं और उनकी कमी से हमारे शरीर पर अलग-अलग प्रभाव पड़ते हैं।
विटामिन ए - शरीर के ऊतकों के विकास के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण है। स्वस्थ और कांतिवान त्वचा के लिए भी इसका संतुलित मात्रा में होना आवश्यक है। इसके अच्छे स्रोत हैं मक्खन, दूध, मछली का तेल, गाजर, पपीता, बंदगोभी, पनीर आदि।
विटामिन बी - इसमें इसी नाम से कई विटामिन शामिल हैं-
विटामिन बी1 - अगर आप ज्यादा श्रम करते हैं या व्यायाम करते हैं तो आपको इसकी अधिक जरूरत है। इसके मुख्य स्रोत हैं गेहूं के अंकुर और सुअर का मांस।
विटामिन बी2 - लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन में इसकी खास भूमिका होती है। इसकी कमी से लाल रक्त कोशिकाओं का स्तर कम होता है। इसके मुख्य स्रोत दूध, अण्डा आदि हैं।
विटामिन बी6 - यह खमीर, अनाज के छिलकों, अंडे, मांस में अधिक मात्रा में मिलता है।
विटामिन बी7 - इसकी कमी से पाचन क्रिया में दोष उत्पन्न होते हैं। अंडा, मांस, दूध, पनीर, फल आदि इसके अच्छे स्रोत हैं।
विटामिन बी12 - लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में इसकी खास भूमिका होती है। इसकी कमी से एनीमिया, पक्षाद्घात भी हो सकता है। इसके मुख्य स्रोत दूध, मांस आदि हैं।

विटामिन सी - इसकी कमी से स्कर्वी नामक रोग उत्पन्न हो जाता है। श्रम और व्यायाम के दौरान होने वाली ऊतकों की टूट फूट को यह सही करता है। इसके बेहतरीन स्रोत हैं- खट्टे फल, नींबू, संतरा, टमाटर, आंवला आदि।
विटामिन डी - विटामिन डी की कमी से रिकैट नामक बीमारी हो जाती है। यह दूध, मक्खन, मछली के तेल व अंडे आदि में होता है। सूर्य की किरणों में भी 'विटामिन डी' पर्याप्त मात्राा में पाया जाता है।
विटामिन के - इसका मुख्य स्रोत ताजी हरी सब्जियां हैं। कट जाने से खून का बहना इसी विटामिन द्वारा बंद होता है।
यदि हम संतुलित भोजन लें तो ये सभी विटामिन हमें आसानी से मिल जाते हैं।
कैल्शियम - मजबूत हड्डियों के निर्माण के लिए यह बेहद आवश्यक है। 1,200-1,500 मिलिग्राम तक की मात्रा में कैल्शियम लेना पर्याप्त रहता है। इसकी अधिक मात्रा से नुकसान भी हो सकता है। दूध इसका बेहतरीन स्रोत है।
फास्फोरस - हमारे शरीर की हर कोशिका में फास्फोरस मौजूद होता है। यह भी संतुलित मात्रा में लेना लाभप्रद है। अधिक फास्फोरस शरीर में कैल्शियम को नष्ट करता है। इसके अच्छे स्रोत हैं- लहसुन और मछली का तेल।
पोटेशियम - शारीरिक श्रम तथा व्यायाम के दौरान यह ज्यादा खर्च होता है इसलिए पत्तेदार व हरी सब्जियों का सेवन अधिक करना चाहिए।
लौह तत्व - इसका मुख्य कार्य हीमोग्लोबिन का निर्माण है व इसके मुख्य स्रोत हैं-पालक, सेब, चुकन्दर, गन्ना, काली गाजर आदि।
प्रोटीन - दालें प्रोटीन की सबसे अच्छी स्रोत हैं। बच्चों को ऐसी चीजें देना आवश्यक है क्योंकि उनके शरीर बढ़ते हुए होते हैं। उनके भोजन में दूध, अण्डा, फल, दही, पनीर आदि अवश्यक होने चाहिए।

 
 
 

 

 

     
     
 
 
 

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