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   स्वास्थ्य
    बढ़ती आयु में उचित पोषण आवश्यक
 

क्या आपकी आयु 65 वर्ष से अधिक है?क्या आप कभी-कभी ऐसा अनुभव करते हैं कि आपकी स्मरण शक्ति जवाब दे रही है या आपका दिमाग धीमी गति से कार्य करने लगा है या आपकी रोग प्रतिरोधक शक्ति कम हो गई है। यदि ऐसा है तो संभवतः आपको अपने पोषण में सुधार की आवश्यकता है।

   
 

बहुत से बढ़ती आयु के लोग इस प्रकार के हृास को उम्र बढ़ने का अवश्यंभावी परिणाम मानते हैं जिससे नहीं बचा जा सकता किंतु वास्तव में ऐसा नहीं है। आधुनिक शोधों से पता चला है कि साधारण पोषण सप्लीमेंट लेने से इस हृास को रोका जा सकता है या धीमा किया जा सकता है।

आयु बढ़ने के साथ पोषण की कमियां भी बढ़ती जाती हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ आयोवा के शोधकर्त्ताओं ने 79 वर्ष की आयु से अधिक के 400 लोगों पर किए गए एक शोध में पाया कि उनमें से 80 प्रतिशत लोग कम से कम चार पोषक पदार्थ आवश्यक से कम मात्राा में ले रहे थे। लगभग 80 प्रतिशत लोगों में यह कमी पाई गई कि वे विटामिन बी समूह के एक विटामिन फोलेट की बहुत कम मात्राा ले रहे थे। इस विटामिन की कमी से हृदय रोग और आद्घात हो सकते हैं। लगभग 83 प्रतिशत लोग विटामिन डी की और 63 प्रतिशत लोग कैल्शियम की बहुत कम मात्राा ले रहे थे। उनकी कमी से हड्डियां कमज़ोर हो जाती हैं और ओस्टियोपोरोसिस या हड्डियां टूटने की समस्या पैदा हो सकती है।
इसके अतिरिक्त कई लोगों में विटामिन ई, मैगनीशियम, विटामिन बी 6, विटामिन सी और जिंक की कमी भी देखी गई। ऐसे लोगों में पोषक तत्वों की विशेष रूप से कमी देखी गई जो सीमित भोज्य पदार्थ ही खाते थे। 'न्यूट्रीशन जनरल' में प्रकाशित एक रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि वृद्ध लोगों को विभिन्न प्रकार के भोज्य पदार्थ खाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। विशेषतः उन्हें पोषक तत्वों से भरपूर फल-सब्जियां, अनाज और न्यूट्रीशन सप्लीमेंट खाने को कहा जाना चाहिए। बहुत से लोगों को इन सप्लीमेंट्स के प्रयोग से उचित मात्राा में पोषक तत्व प्राप्त हो जाते हैं।
इसी विषय पर न्यू फाऊंडलैंड विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ डॉ. रंजीत कुमार चन्द्रा के अनुसार 18 विटामिन मिनरल और टे्रस एलीमेंटस से बना सप्लीमेंट लेने से 65 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की बौद्धिक क्षमता में सुधार हुआ। इस शोध में आधे लोगों को यह सप्लीमेंट दिया गया जबकि आधे लोगों को 'डमी पिल' दी गई। शोध में भाग लेने वालों को और शोधकर्त्ताओं को यह नहीं बताया गया था कि कौन सा प्रतिभागी क्या ले रहा है।
डॉ. चन्द्रा के अनुसार हल्का न्यूट्रीशन सप्लीमेंट नित्य लेने से रोग प्रतिरोधक तंत्र मजबूत होता है जिससे शरीर में न्यूरोन्स और उनसे जुड़े ऊतक नष्ट नहीं होते। डॉ. चन्द्रा के अनुसार रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने से सम्भवतः शरीर के लिए हानिकारक बेटा एमीलायड और अन्य विषैले पदार्थ एकत्रित नहीं हो पाते जिससे शरीर में अलज़ीमर्स जैसे रोग भी पनप नहीं पाते। इस विषय पर शोध किया जाना अभी शेष है कि यह सप्लीमेंट लेने से स्मृति हृास पर क्या प्रभाव पड़ता है।
इस विषय पर एक अन्य शोध में डॉ. चन्द्रा पहले ही दिखा चुके हैं कि न्यूट्रीशन सप्लीमेंट लेने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता लगभग छः मास में लौट आती है जबकि 'डमी पिल' लेने वालों में कोई लाभ नहीं देखा गया। उन्होंने पाया कि सप्लीमेंट लेने वाले लोगों की वर्ष में लगभग 23 दिन तबीयत खराब रही जबकि 'डमी पिल' लेने वालों की तबीयत लगभग 48 दिन खराब रही। अतः आपकी आयु 65 वर्ष से अधिक है तो अपने डॉक्टर की सलाह से कोई न्यूट्रीशन सप्लीमेंट अवश्य लेते रहिए।

 

 
 

 

 

     
     
 
 
 

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