| स्वास्थ्य | ||||
| अनिन्द्र के है अनेक प्रकार | ||||
| आज के बढ़ते औद्योगिक तथा भौतिक दौर में अनिद्रा एक आम बीमारी हो गयी है। तरह-तरह की नींद की गोलियां भी पूरी तरह आराम नहीं दे पाती। इनकी आदत पड़ने पर प्रायः गोलियों की मात्रा बढ़ाते रहने से ही नींद आती है और इसका परिणाम होता है अनेक रोगों से द्घिर कर अपने जीवन को कंटकीय बना डालना। नींद न आना अर्थात् अनिद्रा के अनेक प्रकार होते हैं। | ||||
| इनीटार्डिया :- जिसकी वजह से तुरन्त सो सकना संभव न हो, उसे इनीटार्डिया कहा जाता है। यह एक प्रकार की वैयक्तिक अक्षमता है, जो अक्सर उन लोगों में पायी जाती है जो शो बिजनेस' से संबंध रखते हैं। इस वर्ग में सिनेमा, दूरदर्शन, प्रकाशन, फैशनों के आविष्कारक व प्रचार से संबंधित लोग आते हैं। |
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ऐसे व्यक्तियों को प्रायः अकेले रहना पड़ता है
तथा अत्यधिक व्यस्तता के कारण वे समय पर खा-पी और सो नहीं पाते। वे जब भी अपने
काम से लौटकर सोने के लिए बिस्तर पर जाते हैं, उनके अन्दर दूसरे दिन की कार्य
योजना बनने लगती है और वे तुरन्त नहीं सो पाते। |
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