| स्वास्थ्य | ||||
| स्वास्थ्य के लिए घातक हो सकती है बेमौसमी सब्जियां | ||||
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आज के समय में बेमौसमी सब्जियों का प्रयोग अभिजात्य वर्ग संस्कृति का एक आवश्यक अंग बन गया है। थोड़ी मात्राा में ही सही, दैनिक खाद्य सामग्री में बेमौसमी साग-सब्जियों की भागीदारी आज शारीरिक आवश्यकता पूर्ति के बजाय खान-पान के ऊंचे मापदण्ड अथवा प्रतिष्ठा प्रदर्शन का माध्यम बन गयी है। |
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मनचाही साग-सब्जियों के प्रति उपभोक्ताओं का आकर्षण स्वाभाविक भी है। अगर यही सब्जियां निर्धारित मौसम के अलावा अन्य मौसमों में भी अपने आकर्षक रंग-रूप अथवा आकार-प्रकार के साथ आपके सामने आ जायें तो भला आप अपने आपको उनका उपभोग करने से कैसे रोग पायेंगे चाहे इनके क्रय की प्रक्रिया में आपको दो से चार गुनी कीमत ही क्यों न चुकानी पड़े? |
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परन्तु आप ऐसा करते समय क्या यह सोच पाते हैं कि आप
मुंहमांगी कीमत देकर जो बेमौसमी सब्जियां खरीदते हैं, वे किस हद तक आपके शरीर
के लिए द्घातक सिद्ध हो सकती हैं?शायद नहीं सोचते। इनके प्रयोग के प्रति सचेत
होकर आप न सिर्फ आर्थिक क्षति से ही बच सकते हैं बल्कि अनेक बीमारियों से भी
स्वयं तथा अपने परिवार को बचा सकते हैं।
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