| |
प्रायः यह सुनने में आता है कि बाल्यावस्था,
किशोरावस्था, और वृद्धावस्था में खानपान पर विशेष ध्यान रखना चाहिए।
बाल्यावस्था में यह इसलिए आवश्यक है क्योंकि बच्चे के शारीरिक विकास का यह सही
समय होता है, किशोरावस्था में इसलिए कि जीवन में आगे संद्घर्ष करने के
लिए तैयार होना है और वृद्धावस्था में इसलिए कि जितनी आयु बची है वह
स्वास्थ्यवर्धक रहे।
अब विशेषकर स्त्रियों के लिए डॉक्टरों का कहना है कि उम्र के 40 प्लस के पड़ाव
को सहज बनाने के लिए खानपान पर विशेष ध्यान आवश्यक है ताकि मोनोपॉज के समय
हमारा शरीर उसे आसानी से स्वीकार कर सके। इसको सहज बनाने हेतु व्यायाम और
खानपान पर अवश्य ध्यान देना चाहिए। |
|
|
| |
 |
अपने रहन सहन में क्या परिवर्तन लाएं या क्या खाएं,
क्या न खाएं, कौन कौन से व्यायाम नियमित करें? इस संबंध में जानें डॉक्टर की
राय। डॉक्टर के अनुसार निम्न परिवर्तन 40 पार की महिलाओं के स्वस्थ बने रहने
के लिए आवश्यक हैं।
खानपान
भोजन में रेशेदार पदार्थ जैसे साबुत अनाज, कच्ची सब्जियां ओर ताजे फलों का
सलाद नियमित लें। सब्जियों में पत्तागोभी, कद्दू, ब्रोकेली, मटर, गाजर, टमाटर
व अन्य हरी सब्जियों का सेवन करें। |
|
बीटा कैरोटीन वाले खाद्य पदार्थों का भरपूर सेवन करें।
जैसे गाजर, खूबानी और आडू़ आदि। बीटा कैरोटीन कैंंसर से बचाव में सहायता करता
है।
भोजन में वसायुक्त खाद्य पदार्थों का कम से कम सेवन करें क्योंकि इस आयु में
मोटापा एकदम बढ़ता है। इससे वक्ष और आंत के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। मोटापा
कई बीमारियों की जड़ है। हाई ब्लडप्रेशर, मधुमेह, दिल की बीमारी और जोड़ों का
दर्द मोटापे की ही देन है इसलिए भोज्य पदार्थों में द्घी, मक्खन, चीज़ की खपत
द्घटाएं।
विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करें। संतरे, टमाटर, नींबू, मौसमी
व तरबूज का सेवन अधिक करें।
दिन में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी अवश्य पीएं।
अपने भोजन में 'मिरेकल फूड-सोयाबीन' को अपनाएं। सप्ताह में दो से तीन बार
सोयाबीन की सब्जी का सेवन
अवश्य करें।
इस आयु में शरीर को कैल्शियम की अधिक आवश्यकता होती है। कैल्शियम की कमी से
महिलाओं में हड्डियों का क्षरण तेजी से होना प्रारंभ हो जाता है। प्रतिदिन दो
गिलास दूध, दही और छाछ का सेवन करें। यथासंभव स्किम्ड मिल्क का ही सेवन करें,
उसी का दही और छाछ पिएं। यदि इतना कैल्शियम आप प्रतिदिन खाद्य पदार्थों से नहीं
ले सकती तो डॉक्टर से परामर्श कर कैल्शियम की दवा लें। उसके साथ व्यायाम
अवश्य करें नहीं तो कैल्शियम शरीर ग्रहण नहीं कर पाएगा।
व्यायाम
शरीर को चुस्त दुरूस्त रखने के लिए आयु के इस पड़ाव में व्यायाम का महत्व बढ़
जाता है। उम्र के इस दौर में हड्डियों का जल्दी क्षरण होता है इसलिए व्यायाम
करना जरूरी हो जाता है। महिलाओं को 40 प्लस के बाद निम्न व्यायामों में से
कुछ रूचि अनुसार व्यायाम नियमित करने चाहिएं। अस्थि रोग विशेषज्ञ डा० सुभाष
शल्या बताते हैं कुछ व्यायामों के बारे में :-
30 से 40 मिनट तक तेज तेज चलें। यदि द्घुटनों में दर्द रहता हो तो धीरे-धीरे
10 से १५ मिनट तक चलें।
हल्के फुल्के व्यायाम करें। व्यायाम करते समय संगीत सुनें ताकि संगीत की गति
के साथ व्यायाम आप आसानी से कर सकें।
द्घर पर एक्सरसाइकल रखें। जब टहलने का मन न हो तो उस पर एक्सरसाइज कर सकते
हैं।
हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए वजन उठाने का व्यायाम भी करें।
सप्ताह में 4 से 5 दिन तक 15 से 20 मिनट तक स्ट्रेचिंग करें। इससे शरीर लचीला
बनता है।
योग में कुछ सूक्ष्म क्रियाएं होती हैं उन्हें करते रहें ताकि शरीर के जोड़ों
में रक्त प्रवाह ठीक बना रह सके।
व्यायाम करते समय अपने शरीर की क्षमता को ध्यान में रखें। अधिक कठिन व्यायाम
न करें। व्यायाम प्रारम्भ करने से पूर्व अपना मेडिकल चेकअप करवा कर किसी कुशल
इंस्ट्रक्टर से व्यायाम की टे्रनिंग लें। व्यायाम को अपने जीवन का आहार के
बाद अहम् हिस्सा बनाएं।
-नीतू गुप्ता |