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  GREHSAHELI  

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  खेल  
  जहीर खान की व्यक्तिगत जानकारी  
दाया हाथ का बल्लेबाज जहीर खान का जन्म अक्टूबर ७, १९७८ श्रीरामपुर शहर, अहमनगर जिला महाराष्ट्र में हुआ। एक भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य सन्‌ २००० से वे दाए हाथ के तेजगति के गेदबाज है। जहीर खान गेंद को विकेट के दोनों तरफ हवा में द्घुमाव देने की प्रतिभा है। और बल्लेबाज के तौर पर विश्व में ११वें नं. पर सबसे अधिक रन बनाने का रिकार्ड जहीर खान के नाम पर ही है। भारतीय तेज गेदबाजी का प्रतिनिधित्व उन्होंने २००० के शुरूआत में किया तथा २००३-०४ के दौरान उन्हें अपने विभिन्न चोटों की वजह से टीम से बाहर रहना पड़ा। फिर एक साल बाद टीम में वापसी करने के पश्चात्‌ उन्हें फिर से २००५ में टीम से बाहर रहना पड़ा। लेकिन द्घरेलू मैचों में अपने दमदार प्रदर्शन के बल पर उन्हें भारतीय टीम के तेज गेंदबाजी करने का मौका उन्हें दुबारा मिला।
जहीर खान को पहली बार २००० में 'राष्ट्रीय' क्रिकेट अकादमी' बेंगलोर में चुना गया। उन्होंने अपने टेस्ट किक्रेट जीवन की शुरूआत बांग्लादेश के विरूद्ध ढाका में किया और एक दिवसीय मैचों की शुरूआत केन्या के विरूद्ध नैरोबी में आईसीसी नॉट आउट ट्राफी में उसी साल किया।
 
उन्होंने २०० एकदिवसीय विकेट २६ रन प्रति विकेट के हिसाब से लिया है। चार विकेट उन्होंने ६ बार लिया है। उन्होंने ३२ विकेट जिम्वावे के खिलाफ १७.४६ की औसत से लिया है। उन्होंने श्री नाथ और आशीष नेहरा के साथ मिलकर भारतीय क्रिकेट टीम २००३ के वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचाया। जहीर ने २००३ वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले चौथे खिलाड़ी बने। जिसमें उन्होंने १८ विकेट ११ मैचों में २० रन प्रति विकेट के औसत से लिये।
जहीर ने १५० ज्यादा टेस्ट विकेट ३३ रन प्रति विकेट से औसत से लिया है। जहीर २००२-०३ में अपने करियर की सफलता पर थे। ऊचाइयों पर थे। २००२-०३ की १६ मैचों में जहीर ने वेस्टइंडीज और आस्टे्रलिया के साथ पहले मैच में ५४ विकेट ३० रन प्रति विकेट के औसत से लिये। दिसम्बर २००३ में ब्रिसब्रेन में आस्ट्रेलिया के साथ हुए पहले टेस्ट मैंच में उन्होंने आस्ट्रलिया के पांच प्रमुख बल्लेबाजों को आऊट किया। इसी दौरान उन्होंने ने अपने आपको भी द्घायल कर लिया। इसी कारण वह आस्ट्रेलिया के साथ हुए दूसरे टेस्ट मैच में हिस्सा नहीें ले पाए और तीसरे टेस्ट में उन्होंने वापसी की। परन्तु चोट के कारण २००४ में वे पाकिस्तान दौरे से भी बाहर रहे।
जहीर ने एक मात्र ऐसे बल्लेबाज है जिन्होंने ११वें नं. पर सबसे ज्यादा ७५ रन बनाए। २००४ में बांग्लादेश के बिरूद्ध उन्होंने सचिन तेन्दुलकर के साथ मिलकर १३३ रन बनाए। दसवें नं. पर खेलते हुए उनका एक दिवसीय मैचों में औसत १९.४६ रहा है जो एक विश्व रिकार्ड है।
२००५ में तेजगेंदबाज श्रीसंत और आर.पी. सिंह ने अपना अन्तर्राष्ट्रीय खेल-जीवन की शुरूआत की और भारतीय क्रिकेट टीम के अभिन्न अंग बने रहे। इसी कारण जहीर खान की भारतीय टीम में वापसी की राह और मुश्किल हो गई। बीसीसीआई ने जहीर खान को बी-ग्रेड से नीचे सी-ग्रेड का कान्टे्रट दिया इसी साल के अन्त में २००६ के पाकिस्तान दौरे के साथ ही उनकी भारतीय टीम में वापसी हुई। तीन भारतीय तेजगेंदबाज के होजे हुए भी पाकिस्तानी टीम को आउट करने में नाकाम रहे। जहीर खान के अच्छे परिणाम के कारण उन्हें इरफान पठान की जगह पर टीम में स्थान मिला।
द्घरेलू मैचों में जहीर पहले बडौद्रा की टीम से खेलते थे। परन्तु २००६-०७ में उन्हें मुम्बई की टीम में स्थान मिला। अन्तर्राष्ट्रीय मैचों के कारण वे मुम्बई की तरफ से नहीं खेल सके जिसमें उन्होंने मुम्मई की तरफ से ९ विकेट लिए बंगाल की टीम के १ जीसमें बंगाल की हार हुई।
२००६ में जहीर ने र्वोसेटर शॉयर काउटी क्रिकेट क्लब के साथ जुडे जिसमें उन्होंने आस्ट्रेलिया खिलाड़ी 'नाथन बे्रकन' की जगह टीम में लिया गया। वो पहले ऐसे खिलाड़ी बने जिन्होंने अपने पहले मैच १० विकेट लिए। सौ सालों में पहली बार किसी खिलाड़ी ने ऐसा करिश्मा सोमेरसेट के खिलाफ किया था। परन्तु फिर भी र्वोसेटर शॉयर मैच हार गए। जून २००६ में पहले नौ विकेट लिए पहली पारी में एशेक्श के विरुद्ध उन्होंने व विकेट १३८ रन देकर लिये। अगर विकेट किपर स्टरवन डेविस न डेरेन गफ का कैच नहीं छोड़ा होता, तो वह पहले ऐसे खिलाड़ी होते, जिन्होंने १० विकेट काउटी क्रिकेट में लेने वाले।
२००६ के अन्त में जहीर खान को एक दिवसीय और टेस्ट मैच साउथ अफ्रीका के लिए चुना गया उनके अन्य बड़ौद्रा के साथी इरफान पठान और द्घायल मुनाफ पटेल के साथ। निरन्तर अच्छे परिणाम के लिए २००७ में द्घरेलू एक दिवसीय और टेस्ट मैचों में श्री लंका और वेस्टइंडीज के विरूद्ध उन्होंने अपने करियर का बेस्ट ५/४२ लिया। इसी के परिणाम स्वरूप २००७ बर्ल्डकप की टीम के लिए उनको भी टीम में शामिल किया गया। उनमें बसीम अकरम और चामिंडा वास की तरह खेलते हैं, परन्तु उनको उनकी तरह 'वसीम और वास' सफलता नहीं मिली।
 
 

 

 

     
     
 
 
   

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