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  GREHSAHELI  

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  खेल  
  ईशांत शर्मा की व्यक्तिगत जानकारी  
 
बल्लेबाजी का तरीकाः- दाएं हाथ का बल्लेबाज
गेंदबाजी का तरीकाः- दाएं हाथ का तेजगति का गेंदबाज

ईशांत शर्मा (जन्म 2 सितम्बर 1988, दिल्ली, भारत)  गेंदबाज टीम के सदस्य है। ये दाएं हाथ के तेजगति के गेंदबाज है। वे 145 कि.मी. की गति से गेंदबाजी करते है। ये भारत के सबसे तेज गति के गेदबाज हैं। उन्होंने 152.6 कि.मी. की गति से गेंदबाज एडिलेड में आस्टे्रलिया के बिरूद्ध 17 फरवरी को किया और वो गेंद को विकेट के दोनों तरफ द्घुमा सकता हैं। 18 वर्ष की उम्र में ईशांत शर्मा को भारतीय टीम में साउथ अफ्रीका के विरूद्ध खेलने के लिए जगह मिली। दौरे पर जाने के लिए सारी तैयारियों के बावजूद उन्हें नहीं भेजा गया। उन्होंने उन सारे मौकों का अच्छा फायदा उठाया जिसके द्वारा वे गेंदबाजी तथा बल्लेबाजी दोनों में सफल रहे। उनकी लम्बई 6 फीट 4 इंच है। जिसकी वजह से उनके मित्र उन्हें 'लम्बू' कहकर चिढ़ाते हैं।
 
घरेलु एवं फर्स्ट क्लास करियर- ईशांत शर्मा द्घरेलु क्रिकेट में दिल्ली की टीम तरफ से खेलते है। उन्होंने फार्स्ट क्लास मैचों में चार मैचों में 19 विकेट लिए है। जिसमें उन्होंने बड़ौदा के विरूद्ध एक साथ पांच विकेट लिए थे।
ईशांत शर्मा भारत अंडर-19 क्रिकेट की तरफ से 2006 में इंग्लैंड तथा 2006-07 में पाकिस्तान का दौरा किया। उन्होंने तीन टेस्ट और 6 अर्न्तराष्ट्रीय एक दिवसीय भारत के खेले हैं।
अर्न्तराष्ट्रीय करियर- मई 2007 में बाग्लादेश दौरे के लिए मुनाफ पटेल की जगह टेस्ट टीम में शामिल किया गया। वहां उन्होंने दूसरे टेस्ट में केवल 3 ओवर ही गेंदबाजी की जिसमें एक मेडन और दो ओवरों में केवल 5 रन दिए बिना कोई विकेट लिए हुए। उसके बाद अगस्त 2007 में उन्हें इंग्लैंड दौरे के लिए बुलाया गया। ईशांत शर्मा को पाकिस्तान दौरे में तीसरे टेस्ट के लिए बुलाया गया। क्योंकि भारत के तीनों प्रमुख गेंदबाज जहीर खान, आर.पी.सिंह और श्रीसंत को चोट लगी थी। बल्लेबाजी की पिच पर अपनी कड़ी मेहनत से उन्होंने भारतीय टीम में उन्होंने अपनी जगह पक्की कर ली। उन्होंने बैगलोर में हुए तीसरे टेस्ट में पांच विकेट लिए।
इसी प्रदर्शन के बल पर उन्होंने आस्टे्रलिया दौरे के लिए भारतीय टीम में अपनी जगह बना ली। बार्डर-गवास्कर ट्राफी खेल के दौरान इस बक्सिंग डे टेस्ट में ईशांत शर्मा का बाहर रखा गया क्योंकि तब तक भारत के प्रमुख गेंदबाज जहीर खान और आर.पी.सिंह अपनी चोटों से उभर आए थे। जनवरी 2008 के ईशांत शर्मा को फिर से भारत की ओर दूसरे टेस्ट में मौका मिला जहीर खान के चोटिल होने पर ईशांत शर्मा ने अपने पहले दिन की शुरूआत बहुत ही मजबूत तरीके से की और 'एन्ड्यूसाइमंडस' के आउट होने पर भी अंपायर 'स्टीव बकनर' द्वारा आउट नहीं दिए गए।
हालांकि कि उन्हें बहुत कम सफलता मिली लेकिन प्रबंधक ये जानते थे कि वह बहुत अच्छी तरह गेंदबाजी कर सकते हैं, इसलिए पथी के होने वाले तीसरे टेस्ट के लिए उनका चुनाव किया गया। मैच के चौथे दिन उन्होंने बहुत अच्छी गेंदबाजी की और आस्टे्रलियाई कप्तान 'रिकी पॉटिंग' का विकेट लिया। एडिलेड टेस्ट में उन्होंने दो विकेट लिये और अपनी गेंदबाजी से सबको प्रभावित किया।
उन्होंने टेस्ट मैचों में कभी 140-145 कि.मी. गति से तेज गेंदबाजी नहीं किया ताकि वे लंबे समय तक गेंदबाजाजी कर सके जैसे के टेस्ट मैच में होता है। उन्होंने सबसे ज्यादा 147.7 कि.मी. गति से गेंदबाजी एडिलोड टेस्ट में की।
उपलब्धियां एवं काबलियत- ईशांत शर्मा अपना ध्यान एक तेजगेंदबाज बनने के लिए केन्द्रित कर रहे हैं। उन्होंने आस्टे्रलिया के विरुद्ध 149.5 कि.मी. की गति से गेंदबाजी 10 फरवरी 2008 में की थी। उसका वह केवल 0.2 कि.मी. की गति से भारत के सबसे तेज गति के गेंदबाज बनने से चूक गए। इसके पहले आशीष नेहरा ने 2003 वर्ल्ड कप में जिम्माबें के बिरूद्ध गेंदबाजी की थी। उनकी गति 149.7 कि.मी. है। उसके एक सप्ताह बाद ही ईशांत ने यह रिकार्ड तोड़ दिया। जब वह इस रिकार्ड को बनाने के करीब थे। यह करिश्मा उन्होंने आस्टे्रलिया के बिरूद्ध 17 फरवरी 2008 में किया। उनकी सबसे तेजगति की गेंद 153.0 कि.मी. है। और हमेशा 152.0 कि.मी. की गति से गेंदबाजी करते हैं।
ईशांत शर्मा बल्लेबाज को ऑफ स्टप गेंदबाजी करते हैं। वो हाई आर्म एक्शन से आक्रमण करते है। इसके द्वारा वह गेंद को दाएं हाथ के बल्लेबाज को बैकबॉल और हवा में गेंद को द्घुमाव देने की क्षमता रखते है। जिसके द्वारा गेंद को बहुत अच्छी उछाल मिलती है। कुछ आलोचक उन्हें 1980 से बेस्ट इंडीज के तेज गेंदबाजों से तुलना करते हैं, सबसे ज्यादा उनकी तुलना महान 'कटली एमब्रोम' से करते है। उनकी तुलना भारतीय तेजगेंदबाज 'ज्वगल श्री नाथ' से भी की जाती है।
ईशांत शर्मा अपनी गेंदबाजी से सारे आस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को परेशान रखते हैं। इसी कारण आस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पांटिग ने यह माना है कि ईशात शर्मा एक खतरनाक गेंजबाज है। यह बात उन्होंने ईशांत के आस्ट्रेलिया में दमदार प्रर्दशन की वजह से कहा है। ईशांत शर्मा बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरूख खान की टीम की तरफ से खेलते हैं। जिसमें उन्हें 9500,000 मिले हैं। वे 'कोलकता नाइट राइडेस की तरफ से आई.पी.सी. 20-20 में खेले है। यह इसबे बड़ी रकम है जो किसी गेंदबाज को आई.पी.एल. मैच में खेलने के लिए मिले है।

 

 
 

 

 

     
     
 
 
   

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