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जो हिट है वही फिट है - दीपिका पादुकोण बॉलीवुड में नायक-नायिका की खेप का आना-जाना लगातार सालों से जारी है परन्तु बहुत खुशनसीब वे लोग होते हैं जिनकी सही लांचिंग होती है। सही दिशा में कदम न बढ़ें तो सफलता के मामले में सन्देह बना ही रहता है परन्तु नई नवेली नायिका दीपिका पादुकोण के सन्दर्भ में किसी को सन्देह नहीं है कि उसने सही दिशा की ओर कदम बढ़ाते हुए शुरूआत की है। शाहरूख खान का नामी बैनर, बादशाह की नायिका, जोरदार पब्लिसिटी, कामयाब निर्देशक, भला इससे ज्यादा किसी और को क्या चाहिए। बंगलौर में जन्मी दीपिका पादुकोण जाने-माने बैंडमिंटन खिलाड़ी प्रकाश पादुकोण की बेटी हैं। तीखे नयन नक्श वाली इस नवयौवना की शुरूआत कैमरे के समक्ष माडलिंग से हुई थी। नामी प्रोडक्ट कम्पनियों के लिए माडलिंग में आई दीपिका ने रैम्प पर आकर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा था। पिछले दिनों जब हमारी नायिका दीपिका पादुकोण से मुलाकात हुई तो कई मुद्दों पर चर्चा हुई। प्रस्तुत हैं उस दौरान हुई चर्चा के अंश :- |
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1. कृप्या आप अपने बारे में कुछ विस्तार से बताइये? देखिए, मेरी कोई फिल्मी बैक ग्राउन्ड नहीं है, इसलिए इस लाइन के बारे में ज्यादा कुछ मुझे पता नहीं था। मेरे पिता प्रकाश नामी खिलाडी रहे हैं, इसलिए प्रसिद्धि का अर्थ मुझे भली-भांति पता है। जब बैंगलोर के स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रही थी तभी मुझे मॉडलिंग के आफर आने लगे थे। उस समय मुझे बड़ा आश्चर्य हुआ था क्योंकि मुझे नहीं लगता था कि मैं माडल बन सकती हूं। तब मेरे दोस्तों ने मुझे सलाह दी कि जब इतना अच्छा मौका मिल रहा है तो उसे छोड़ना नादानी होगी, इसलिए मैंने ऑफर स्वीकार कर लिया। फिर तो मुझे कामयाबी मिलने लगी। अब इससे अच्छी बात मेरे लिए क्या हो सकती थी। मेरी इस सफलता में मीडिया का बहुत योगदान रहा है। वह माडलिंग के समय से ही मेरे साथ रहा है। 2. फरहा खान की फिल्म 'ओम शान्ति ओम' से पहले आपको बोनी कपूर तथा सलमान खान की फिल्मों के भी ऑफर मिले थे। आपने उन ऑफरों को क्यों ठुकरा दिया था? मैंने बोनी कपूर और सलमान खान की फिल्में जानबूझकर नहीं छोड़ी थी। सलमान खान की फिल्म में देरी थी और शाहरूख खान वाली फिल्म की शूटिंग जारी थी इसीलिए सलमान खान का इन्तजार करना मेरे वश में नहीं था। बोनी कपूर जी की फिल्म मैंने क्यों छोड़ी, यह वह बेहतर जानते हैं लेकिन मेरे संबंध किसी से नहीं बिगड़े हैं। जो भी हुआ आपसी अन्डरस्टैंडिंग के बाद ही हुआ। मेरी पहली फिल्म 'ओम शान्ति ओम' की सुपर सफलता से यह साबित हो गया है कि मैं कितने पानी में हूं। 3. मेरे पास लगातार अच्छे ऑफर आ रहे हैं। मुझे जल्द ही इन लोगों के साथ भी काम करने का मौका मिलेगा। आपको आपकी पहली फिल्म 'ओम शान्ति ओम' कैसे मिली? इस फिल्म की निर्देशिका फरहा खान से कुछ सालों पहले मेरी मुलाकात हुई थी। उस समय मैंने सोचा नहीं था कि मैं अभिनय के क्षेत्र में जाऊंगी। मैं तो माडलिंग में ही खुश थी। जब अचानक उन्होंने मुझसे कहा कि मैं तुम्हें अपनी अगली फिल्म में शाहरूख खान के साथ साइन करने जा रही हूं तो न करने का सवाल ही नहीं था। अपने पांव पर कुल्हाड़ी मारना क्या अक्लमन्दी कही जायेगी, मुझे अपने पसंदीदा नायक के साथ काम करने का माका मिल रहा था। यह तो सपने के सच होने के समान था। 4. आपका नाम शाहरूख खान के साथ जोड़ा जा रहा है आपको कैसा लगता है यह सब सुनकर? जब मैंने इस क्षेत्र में कदम रखा था, उस समय पत्र-पत्रिकाओं में फिल्मी कलाकारों के अफेयर के बारे में पढ़कर मुझे बड़ा मजा आता था। अब मेरे साथ यह हो रहा है तो मुझे बड़ा अटपटा सा लग रहा है। शाहरूख खान जैसे समझदार और शादीशुदा इंसान से मेरा नाम जोड़ना हास्यास्पद है। शादीशुदा मर्दों में मेरी कोई खास दिलचस्पी नहीं है। फिर किसी के गृहस्थ जीवन में आग लगाना मुझे कतई पसन्द नहीं है। 5. इससे पूर्व भी कभी निहाल पड़या तो कभी रणवीर कपूर के साथ आपके रोमांस के चर्चे रहे हैं। इस बारे में आपका क्या कहना है? देखिए, हर इन्सान की जिन्दगी में कोई न कोई प्राइवेसी होती है। मैं भी अपनी व्यक्तिगत बातों पर चर्चा नहीं करना चाहती। यह मेरा निजी मामला है और आप इसे मुझ तक ही सीमित रहने दीजिए। ---दुर्गा प्रसाद शुक्ल 'आज़ाद' |
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